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Guru Parampara

गुरु परंपरा के प्रमुख आचार्यों का विस्तृत जीवन परिचय।

गुरु परंपरा

चरित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी मुनिराज

चरित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी मुनिराज

  • गृहस्थ नाम: सातगौड़ा पाटिल
  • जन्म: आषाढ़ कृष्ण षष्ठी, विक्रम संवत 1929; बुधवार, 25 जुलाई 1872
  • जन्म स्थान: येलगुड़ (भोजग्राम के निकट), तहसील चिक्कोडी, जिला बेलगाँव, कर्नाटक
  • माता-पिता: श्रीमती सत्यवती पाटिल और श्री भीमगौड़ा पाटिल
  • भाई-बहन: बड़े भाई आदिगौड़ा और देवगौड़ा; छोटे भाई कुंभगौड़ा; बहन कृष्णा बाई
  • क्षुल्लक दीक्षा: 25 जून 1915, ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी, विक्रम संवत 1972, उत्तूर ग्राम। क्षुल्लक शान्तिसागर नाम श्री देवेन्द्रकीर्ति जी ने दिया।
  • ऐलक दीक्षा: 15 जनवरी 1919, पौष शुक्ल चतुर्दशी, विक्रम संवत 1975, गिरनारजी
  • गुरु: श्री देवेन्द्रकीर्ति जी महाराज
  • मुनि दीक्षा नाम: मुनि श्री शान्तिसागर जी
  • आचार्य पद: 8 अक्टूबर 1924, सामडोली
  • उपवास: 9,938 दिन (लगभग 27.6 वर्ष)
  • समाधि: कुंथलगिरि में भाद्रपद शुक्ल द्वितीया, 18 सितम्बर 1955; समाधि साधना 36 दिन
  • चातुर्मास: 42
  • संघ: 15 मुनि, 11 आर्यिका/क्षुल्लिका, 5 क्षुल्लक, 2 ब्रह्मचारी और 1 ब्रह्मचारिणी

अध्यात्मयोगी आचार्य श्री पायासागर जी मुनिराज

अध्यात्मयोगी आचार्य श्री पायासागर जी मुनिराज

  • गृहस्थ नाम: श्री पीताम्बर डोगरे
  • माता-पिता: स्रोत में माता का नाम “श्रीमती जी” लिखा है; पिता श्री राय चन्द्रप्पा
  • जन्म: 6 मार्च 1889, फाल्गुन सुदी पंचमी, वीर निर्वाण संवत 2415
  • जन्म स्थान: गोकाक, बेलगाम, कर्नाटक
  • क्षुल्लक दीक्षा: 1923, गोकाक, बेलगाम
  • ऐलक दीक्षा: 1924, अश्विन सुदी 2, वीर निर्वाण संवत 2450, सामडोली, महाराष्ट्र
  • मुनि दीक्षा: 1930, वीर निर्वाण संवत 2456, सोनागिरि
  • आचार्य पद: कार्तिक सुदी पंचमी, 1957
  • समाधि: 12 अक्टूबर 1958, अश्विन कृष्ण अमावस्या, स्तवनिधि तीर्थ क्षेत्र
  • गुरु: आचार्य श्री शान्तिसागर जी मुनिराज

महातपस्वी आचार्य श्री जयकीर्ति जी मुनिराज

महातपस्वी आचार्य श्री जयकीर्ति जी मुनिराज

  • गृहस्थ नाम: पवन कुमार जैन
  • जन्म: 4 मई 1935
  • जन्म स्थान: अक्कलकोट
  • माता-पिता: श्रीमती पद्मावती जैन और श्री बाबूलाल जैन
  • मुनि दीक्षा: 14 दिसम्बर 1961

भारत गौरव आचार्य श्री देशभूषण जी मुनिराज

भारत गौरव आचार्य श्री देशभूषण जी मुनिराज

  • गृहस्थ नाम: बालगौड़ा पाटिल
  • जन्म: मार्गशीर्ष सुदी 2, 28 नवम्बर 1905
  • जन्म स्थान: कोथली, कर्नाटक
  • माता-पिता: श्रीमती अक्का देवी और श्री सत्यगौड़ा पाटिल
  • क्षुल्लक दीक्षा: 5 जनवरी 1937, रामटेक, महाराष्ट्र
  • दीक्षा गुरु: आचार्य श्री जयकीर्ति जी
  • मुनि दीक्षा: फाल्गुन सुदी पूर्णिमा, 8 मार्च 1936; मुनि नाम श्री देशभूषण
  • आचार्य पद: आचार्य श्री पायासागर जी की आज्ञा से, सूरत, गुजरात, 1948
  • समाधि: 28 मई 1987, कोथली, कर्नाटक
  • विशेष: स्रोत उन्हें “राष्ट्रसंत” और “भारत गौरव” उपाधियों से सम्मानित बताता है।

राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यानन्द जी मुनिराज

राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यानन्द जी मुनिराज

  • गृहस्थ नाम: सुरेन्द्र उपाध्ये
  • माता-पिता: श्रीमती सरस्वती उपाध्ये और श्री कलप्पा उपाध्ये
  • जन्म: 22 अप्रैल 1925, शेडवाल, कर्नाटक
  • ब्रह्मचर्य व्रत: 1946
  • क्षुल्लक दीक्षा: 15 अप्रैल 1946, फाल्गुन सुदी 13, तमदड्डी; नाम क्षुल्लक श्री पार्श्वकीर्ति। दीक्षा गुरु आचार्य श्री महावीरकीर्ति जी।
  • मुनि दीक्षा: 25 जुलाई 1963, सुभाष मैदान, दिल्ली; मुनि नाम श्री विद्यानन्द जी। दीक्षा गुरु आचार्य श्री देशभूषण जी।
  • उपाध्याय पद: 17 नवम्बर 1974, दिल्ली
  • ऐलाचार्य पद: 17 नवम्बर 1978, दिल्ली
  • आचार्य पद: 28 जून 1987, दिल्ली
  • भाषा ज्ञान: कन्नड़, मराठी, हिन्दी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, प्राकृत, उर्दू और ब्राह्मी लिपि
  • उनसे दीक्षित पद: क्षुल्लक धर्मानन्द और ज्ञानानन्द (1980); गणिनी आर्यिका प्रज्ञामती (2005) और विद्याश्री (2011); उपाध्याय गुप्तिसागर (1991), श्रुतसागर (1999), निर्णयसागर (2002) और प्रज्ञासागर; ऐलाचार्य श्रुतसागर (2006) तथा वसुनन्दी (2009)