परम पूज्य आचार्य श्री 108 वसुनंदी जी मुनिराज
इस पावन संस्था की स्थापना परम पूज्य प्राकृत भाषा चक्रवर्ती, अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी, आचार्य भगवन् गुरुवर श्री वसुनंदी जी मुनिराज के करकमलों से हुई। सौ से अधिक प्राकृत ग्रंथों के रचयिता, उनका व्यक्तित्व श्रुतभक्ति और ज्ञानसाधना का अद्वितीय संगम है।
आगामी कार्यक्रम
ग्रंथाराधक सम्मान समारोह — ग्रीन पार्क 2017
Community Center, Green Park Extension, New Delhi · आचार्य श्री वसुनन्दी जी मुनिराज के स्वर्ण जयंती वर्ष के अंतर्गत सम्मान समारोह।
श्रुत-उपासक सम्मान समारोह — 2023
श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर 10 DLF, फरीदाबाद, हरियाणा · श्रुत-उपासक सम्मान समारोह; रविवार, 10 सितम्बर 2023 को दोपहर 12:30 बजे।
श्रुतोपासक सम्मान समारोह — 2024
श्री छदामीलाल दिगम्बर जैन मंदिर, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश · रविवार, 1 दिसम्बर 2024 को प्रातः 11 बजे से आयोजित श्रुतोपासक सम्मान समारोह।
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